अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और आपके पास बिजली कनेक्शन है, तो बिजली विभाग से जुड़े कई सवाल आपके मन में आ सकते हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए, हमने यहाँ UPPCL से संबंधित उपभोक्ताओं के कुछ सामान्य प्रश्न और उनके सरल व उपयोगी जवाब शामिल किए हैं, ताकि आपको आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।
PD का पूरा नाम Permanent Disconnection होता है। जब कोई उपभोक्ता अपना बिजली कनेक्शन हमेशा के लिए बंद कराना चाहता है (जैसे मकान बिक जाना, दुकान बंद होना आदि), तब PD की आवश्यकता होती है।
UPPCL के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में ये वितरण कंपनियां कार्य करती हैं:
DVVNL (दक्षिणांचल)
MVVNL (मध्यांचल)
PUVVNL (पूर्वांचल)
PVVNL (पश्चिमांचल)
KESCo (कानपुर)
UPPCL के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आप नया खाता नंबर जान सकते हैं:
Know Your New Account Number विकल्प खोलें → जिला चुनें → पुराना खाता नंबर डालें → सिक्योरिटी कोड भरें → View पर क्लिक करें।
बिजली विभाग घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग-अलग टैरिफ पर कनेक्शन देता है।
घरेलू कनेक्शन का उपयोग व्यवसाय में करना नियमों के विरुद्ध है और इस पर जुर्माना या कनेक्शन काटा जा सकता है।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ता बिल सुधार की शिकायत दर्ज करा सकता है।
शिकायत ऑनलाइन (UPPCL पोर्टल) या नजदीकी बिजली कार्यालय में की जा सकती है। जांच के बाद सही होने पर बिल में सुधार कर दिया जाता है।
इसके लिए उपभोक्ता संबंधित बिजली विभाग में आवेदन कर सकता है।
योग्यता पूरी होने और अनुमति मिलने के बाद उपभोक्ता स्वयं भी बिल जनरेट कर सकता है।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को कई फायदे मिलते हैं, जैसे:
सही और पारदर्शी बिल
बिजली चोरी पर रोक
प्रीपेड रिचार्ज की सुविधा
गलत बिल की संभावना कम
मीटर खराब होने पर जल्दी जानकारी और समाधान
LPSC (Late Payment Surcharge) वह अतिरिक्त शुल्क है, जो बिजली बिल समय पर न भरने पर लगाया जाता है।
लगातार देरी करने पर बिल राशि बढ़ती जाती है और कनेक्शन कटने का खतरा भी रहता है।
कई बार भुगतान की जानकारी सिस्टम में अपडेट होने में कुछ घंटे से 3–4 दिन लग सकते हैं।
अगर इसके बाद भी राशि अपडेट न हो, तो कस्टमर केयर या बिजली कार्यालय से संपर्क करें।
हाँ, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए नया बिजली कनेक्शन लेने की अलग-अलग निर्धारित शुल्क सूची होती है।
आधिकारिक चार्ज लिस्ट UPPCL पोर्टल पर उपलब्ध है।
बिजली कटौती या फॉल्ट की शिकायत के लिए उपभोक्ता UPPCL टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं।
इसके अलावा, UPPCL पोर्टल या मोबाइल ऐप से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
मीटर खराब होने पर उपभोक्ता को तुरंत बिजली विभाग में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
जांच के बाद विभाग द्वारा मीटर बदला जाता है और औसत खपत के आधार पर बिल संशोधित किया जाता है।
बिजली बिल भुगतान की रसीद UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर Payment History / Receipt Download विकल्प से दोबारा डाउनलोड की जा सकती है।
किराएदार बदलने की स्थिति में नाम परिवर्तन (Name Change) के लिए आवेदन करना होता है।
इसके लिए पहचान पत्र, निवास प्रमाण और सहमति पत्र बिजली विभाग में जमा करना होता है।
सामान्य स्थिति में पूरा बिल जमा करना होता है, लेकिन विशेष योजनाओं या राहत योजनाओं के तहत विभाग द्वारा किस्तों की सुविधा दी जाती है।
अगर कहीं बिजली चोरी हो रही है, तो इसकी शिकायत 1912, UPPCL पोर्टल या नजदीकी बिजली कार्यालय में गोपनीय रूप से की जा सकती है।
गलत मीटर रीडिंग की स्थिति में उपभोक्ता बिल सुधार शिकायत दर्ज करा सकता है।
जांच के बाद सही रीडिंग के अनुसार नया बिल जारी किया जाता है।
मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए UPPCL पोर्टल पर लॉगिन करके प्रोफाइल अपडेट करें या नजदीकी बिजली कार्यालय में आवेदन दें।
हाँ, यदि अलग-अलग स्थान (घर, दुकान, फैक्ट्री) हैं और सभी दस्तावेज सही हैं, तो एक व्यक्ति एक से अधिक बिजली कनेक्शन ले सकता है।
अगर बिल भुगतान के बावजूद बिना सूचना बिजली काट दी गई है, तो तुरंत 1912 पर शिकायत दर्ज करें।
जांच के बाद विभाग द्वारा बिजली आपूर्ति बहाल की जाती है।